20 Jul 2017

वेदौषधी निर्माणशाला स्वास्थ्यसूत्रमाला - 19

काला मुनक्का - 3

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Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 20 Jul 2017 Views : 1863
Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu)
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वेदौषधी निर्माणशाला काला मुनक्का एक उत्कृष्ट कोटि का मुनक्का है। एक आहारीय द्रव्य होने के बावजूद काला मुनक्का एक उत्कृष्ट औषधि भी है, जिसका विवरण हम पूर्ववर्ती भागों में दे चुके है। आज कुछ अन्य औषधीय गुणधर्मो का विवरण आपकी सेवा में प्रस्तुत है।

तिक्तास्यतामास्यशोषं कासं चाशुव्यपोहति।

1. तिक्तास्यता read more

13 Jul 2017

वेदौषधी निर्माणशाला स्वास्थ्यसूत्रमाला - 18

आयुर्वेदीय आहारविधी - 10

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Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 13 Jul 2017 Views : 1660
Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu)
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आयुर्वेदीय आहरविधी का दसवाँ एवं अंतिम नियम है -

आत्मानभिसमीक्ष्य भुञ्जित सम्यक।

अर्थात अपनी शारीरिक शक्ती को देखकर ही भली-भांती भोजन करे।

अब सामान्य मनुष्य अपनी शारीरिक शक्ति का अन्वेषण किस प्रकार करे?

इसका उत्तर सरल है - Trial & error method, अर्थात परीक्षण द्वारा भूल-सुधार पद......

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06 Jul 2017

वेदौषधी निर्माणशाला स्वास्थ्यसूत्रमाला - 17

आयुर्वेदीय आहारविधी - 9

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Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 06 Jul 2017 Views : 1700
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06 Jul 2017 Views : 1700

आयुर्वेदीय आहारविधी का नौवाँ नियम है - अजल्पन्नहसन् तन्मना भुज्जीत।

इस नियम मे 3 महत्वपूर्ण बाते समाहित है -

१) आहार सेवन करते समय बातचीत नही करना चाहिए।

२) हँसते हुए भोजन ग्रहण नही करना चाहिए।

३) मन लगाकर एकाग्रता से भोजन करना चाहिए।

परंतु ये नियम पढकर आपको त......

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29 Jun 2017

वेदौषधी निर्माणशाला स्वास्थ्यसूत्रमाला - 16

आयुर्वेदीय आहारविधी - 8

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Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 29 Jun 2017 Views : 1394
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29 Jun 2017 Views : 1394

आयुर्वेदीय आहारविधी का आठवाँ नियम है - नातिविलम्बितमश्नीयात् अर्थात अधिक देर लगाकर भोजन न करे। साधारणतः एक व्यक्ती को भोजन करने के लिए औसतन 20 मिनीट लगते है। इससे ज्यादा समय नही लगना चाहिए ऐसा शास्त्र का मंतव्य है। परंतु भागदौड के इस युग मे जहाँ लोगो को साँस तक लेने की फुरसत नही, वहाँ अधिक देर लगाकर भोजन कौन करेगा?

उत्तर है - बच्चे और महिलाए read more

22 Jun 2017

वेदौषधी निर्माणशाला स्वास्थ्यसूत्रमाला - 15

आयुर्वेदीय आहारविधी-7

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Vaidya Somraj Kharche, M.D. Ph.D. (Ayu) 22 Jun 2017 Views : 616
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22 Jun 2017 Views : 616

आयुर्वेदीय आहारविधी का सातवाँ नियम है - नातिद्रुतमश्नीयात्। अर्थात तेजी से आहार सेवन नही करना चाहिए।

क्यूँ? क्या होता है तेजी से आहार सेवन किया तो?

व्यवहार मे हम देखते है स्वामी विवेकानंद हो, परमहंस योगानंद हो या अन्य कोई महापुरुष - सभी ने किसी भी कार्य की सफलता के एकाग्रता को ही जरूरी बताया है और एकाग्रता भी तभी साधती है, ज......

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